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24 सितंबर 2026 को लखनऊ विकास प्राधिकरण ने एक ही दिन दो बड़ी आवासीय टाउनशिप लॉन्च कीं: वरुण विहार योजना और नैमिष नगर योजना। दोनों प्लॉट वाली योजनाएं हैं, दोनों सीधे एलडीए की हैं और दोनों मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत आई हैं।
लेकिन दोनों की जगह और कीमत में बड़ा फर्क है। अगर आप तय नहीं कर पा रहे कि पैसा कहां लगाएं, अभी या अगले फेज में, तो यह तुलना आपके काम की है।
एक नजर में तुलना
| वरुण विहार | नैमिष नगर | |
|---|---|---|
| लोकेशन | आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के पास | सीतापुर रोड, बख्शी का तालाब, उत्तरी लखनऊ |
| टाउनशिप का आकार | लगभग 6,580 एकड़ | लगभग 4,100 एकड़ |
| एलडीए दर (फेज 1) | ₹2,800 प्रति वर्ग फुट | ₹3,800 प्रति वर्ग फुट |
| जमीन | सदर और सरोजनी नगर तहसील के 12 गांव | बख्शी का तालाब क्षेत्र |
| स्वभाव | बड़ा, नया, एक्सप्रेसवे के सहारे बढ़ता इलाका | पहले से चालू सड़क, ज्यादा आबादी |
वरुण विहार: बड़ी, सस्ती, लंबी अवधि का दांव
वरुण विहार को एलडीए की अब तक की सबसे बड़ी आवासीय योजना कहा जा रहा है। यह लगभग 6,580 एकड़ में है, उत्तर में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और दक्षिण में फतेहगंज-मोहन रोड। पहले फेज में कैलाश खंड और काशी खंड जैसे सेक्शन हैं।
सबसे बड़ा आकर्षण कीमत है। ₹2,800 प्रति वर्ग फुट पर 100 वर्ग मीटर (लगभग 1,076 वर्ग फुट) का प्लॉट एलडीए दर पर करीब ₹30 लाख का पड़ता है। नैमिष नगर में यही साइज लगभग ₹41 लाख का होगा। यानी करीब ₹11 लाख का फर्क, जो ज्यादातर परिवारों के लिए छोटी रकम नहीं है।
दूसरी तरफ, यह बिल्कुल नई जमीन है। आसपास अभी ज्यादातर खेत हैं और टाउनशिप बसने में कई साल लगेंगे। एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी लंबे समय में बड़ा फायदा है, लेकिन यहां आप भविष्य पर दांव लगा रहे हैं, बसा-बसाया मोहल्ला नहीं खरीद रहे।
किसके लिए सही: कम बजट वाले खरीदार, लंबी अवधि के निवेशक, और जो 5 साल या उससे ज्यादा इंतजार कर सकते हैं।
नैमिष नगर: थोड़ा महंगा, लेकिन चालू इलाके में
नैमिष नगर सीतापुर रोड पर बख्शी का तालाब इलाके में है। वरुण विहार से छोटा, फिर भी लगभग 4,100 एकड़ का, और फेज 1 में 1,673 प्लॉट।
सीतापुर रोड पहले से चलता-फिरता इलाका है, रास्ते में बस्तियां, स्कूल और बाजार हैं। इसलिए यहां रोजमर्रा की जिंदगी नई एक्सप्रेसवे टाउनशिप से पहले "तैयार" लगेगी। शायद इसीलिए दर ₹1,000 प्रति वर्ग फुट ज्यादा है।
किसके लिए सही: जो परिवार जल्दी घर बनाना चाहते हैं, और जो पहले से उत्तरी लखनऊ में रहते या काम करते हैं।
प्लॉट की संख्या पर एक बात
ऑनलाइन इन योजनाओं के प्लॉट की अलग-अलग संख्या दिख रही है। कुछ रिपोर्ट में वरुण विहार के पहले फेज के कम प्लॉट बताए गए, जबकि एलडीए योजना गाइड में फेज 1 के 2,847 प्लॉट हैं। आवेदन के समय हमेशा एलडीए के आधिकारिक पोर्टल की जानकारी ही मानें। व्हाट्सएप पर आए किसी आंकड़े पर फैसला न करें।
तो हम कौन-सी चुनेंगे?
सच कहें तो सब एक सवाल पर टिका है: आप घर कब बनाना चाहते हैं?
अगर अगले तीन-चार साल में, तो नैमिष नगर ज्यादा समझदारी है। अगर जमीन लंबे समय की संपत्ति के रूप में ले रहे हैं और कीमत सबसे अहम है, तो वरुण विहार में कम पैसे में ज्यादा जमीन मिलती है, और यूपी में एक्सप्रेसवे के किनारे की टाउनशिप ने धैर्य रखने वालों को अक्सर अच्छा फायदा दिया है।
दोनों ही एलडीए की योजनाएं हैं, स्वीकृत ले-आउट के साथ, जो इन्हें लखनऊ के आसपास की ज्यादातर निजी प्लॉटिंग से आगे रखता है।
अभी क्या स्थिति है
रिपोर्ट के अनुसार वरुण विहार का रजिस्ट्रेशन 24 अक्टूबर 2026 को बंद हुआ। नैमिष नगर का रजिस्ट्रेशन 27 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाया गया है। इसके बाद एलडीए लॉटरी करेगा। यह राउंड छूट जाए तो अगले फेज पर नजर रखें, क्योंकि दोनों टाउनशिप चरणों में विकसित हो रही हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
वरुण विहार और नैमिष नगर में कौन सस्ता है?
वरुण विहार। इसकी एलडीए दर ₹2,800 प्रति वर्ग फुट है, जबकि नैमिष नगर की ₹3,800 प्रति वर्ग फुट।
वरुण विहार योजना कहां है?
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के पास, दक्षिण में फतेहगंज-मोहन रोड। यह सदर और सरोजनी नगर तहसील के 12 गांवों की लगभग 6,580 एकड़ जमीन पर है।
नैमिष नगर योजना कहां है?
उत्तरी लखनऊ में सीतापुर रोड पर बख्शी का तालाब इलाके में, लगभग 4,100 एकड़ में।
लॉटरी के बिना प्लॉट चाहिए?
एलडीए योजना में लॉटरी होती है और सबका नंबर नहीं आता। अगर आप खुद प्लॉट चुनना, मौके पर देखना और साफ कागजात चाहते हैं, तो अवधलैंड से बात करें। हम लखनऊ, अयोध्या और गोरखपुर में जांची-परखी जमीन ढूंढने में मदद करते हैं।
यहां दिए आंकड़े 25 अक्टूबर 2026 तक की सार्वजनिक रिपोर्ट पर आधारित हैं और बदल सकते हैं। कोई भी फैसला लेने से पहले दरें और तारीखें एलडीए की आधिकारिक वेबसाइट पर जांच लें।