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उत्तर प्रदेश में प्लॉट का मालिक बदलता है तो बैनामे पर दस्तख़त से पहले दो रक़में राज्य को जाती हैं: हस्तांतरण पर स्टाम्प ड्यूटी और उसे दर्ज करने का रजिस्ट्री शुल्क। ज़मीन के बाद ये दोनों मिलकर सबसे बड़ा ख़र्च हैं, और ये उस मूल्य पर निकलते हैं जिसे ख़रीदार अक्सर ग़लत समझता है।
किस मूल्य पर लगते हैं
दोनों शुल्क एक ही आधार का प्रतिशत हैं: सर्किल मूल्य (रक़बा × उस इलाक़े और ज़मीन के प्रकार का ज़िले का सर्किल रेट) और बैनामे में लिखे दाम में जो ज़्यादा हो। सर्किल रेट गाइड बताती है यह रेट कहाँ से आता है। व्यवहार में मुख्य सड़कों पर बैनामे का दाम ऊँचा होता है और आधार बनता है; अंदर के गाँवों में अक्सर सर्किल मूल्य।
प्रकाशित आँकड़ों की मिसाल, अयोध्या का फैजाबाद रोड:
- ₹12,000 प्रति वर्ग मीटर
- रिहायशी
- ₹24,000 प्रति वर्ग मीटर
- व्यावसायिक
- ₹45,00,000 प्रति हेक्टेयर
- कृषि
स्टाम्प ड्यूटी
यूपी में सामान्य दर मूल्य का 7% है। महिला ख़रीदार 1% छूट के ज़रिए 6% देती हैं, जो सिर्फ़ संपत्ति मूल्य की एक सीमा तक लागू है; सीमा से ऊपर पूरे मूल्य पर सामान्य दर लगती है। पुरुष और महिला की संयुक्त ख़रीद अलग तरह से देखी जाती है। साइट का कैलकुलेटर जो दरें लगाता है, वे लागू तारीख़ और स्रोत अधिसूचना के साथ हर सर्किल रेट पेज पर दिखती हैं।
रजिस्ट्री शुल्क
रजिस्ट्री शुल्क उसी मूल्य का 1% है, जो बैनामा पेश करते समय सब-रजिस्ट्रार दफ़्तर में जमा होता है। पहले की सूचियों में शुल्क की ऊपरी सीमा थी; मौजूदा अधिसूचना में सीमा लागू है या नहीं, देखें। शुल्क हर ख़रीदार श्रेणी के लिए एक जैसा है।
उदाहरण
फैजाबाद रोड पर 1,200 वर्ग फ़ुट का रिहायशी प्लॉट, सर्किल रेट ₹12,000 प्रति वर्ग मीटर, सामान्य दर:
| मद | रक़म |
|---|---|
| प्रकाशित इकाई में रक़बा | 111.48 वर्ग मीटर |
| सर्किल मूल्य | ₹13,37,804 |
| 7% पर स्टाम्प ड्यूटी | ₹93,646 |
| 1% पर रजिस्ट्री शुल्क | ₹13,378 |
| सरकार को देय | ₹1,07,024 |
वही प्लॉट महिला के नाम 6% पर, अगर मूल्य छूट की सीमा में है, तो ₹13,378 स्टाम्प ड्यूटी बचती है। तय दाम सर्किल मूल्य की जगह ₹20 लाख है, तो हर मद ₹20 लाख पर निकलती है। स्टाम्प ड्यूटी कैलकुलेटर साइट के किसी भी इलाक़े के लिए यह करता है और ख़रीदार श्रेणी बदलने देता है।
इन संख्याओं में क्या नहीं है
- ब्रोकरेज। किसी भी साइट विज़िट से पहले अलग से, लिखित में तय। बैनामे के मूल्य का ऐसा प्रतिशत कभी नहीं जिस पर आप राज़ी नहीं हुए।
- दस्तावेज़ लेखन और वकील की फ़ीस। बैनामा बनाने और रजिस्ट्री में आने का शुल्क।
- दाख़िल-ख़ारिज। रजिस्ट्री के बाद राजस्व रिकॉर्ड में हस्तांतरण दर्ज करने का तहसील में छोटा शुल्क और अलग आवेदन।
- भू-उपयोग बदलना। प्लॉट रिकॉर्ड में कृषि है तो धारा 80 की घोषणा अपनी प्रक्रिया और ख़र्च है; भू-उपयोग बदलने की गाइड (अंग्रेज़ी में) देखें।
भुगतान और उसका सबूत
यूपी में ई-स्टाम्पिंग है। निकाले गए मूल्य का स्टाम्प प्रमाणपत्र बनता है, उसी मूल्य पर रजिस्ट्री शुल्क जमा होता है, और दोनों रसीदें बैनामे के साथ फ़ाइल में जाती हैं। इन्हें बैनामे की प्रमाणित प्रति और दाख़िल-ख़ारिज आदेश के साथ रखें; अगला ख़रीदार, या बैंक, पूरा सेट माँगेगा।
सिविल लाइंस, राम मंदिर से 5.9 किमी, का सर्किल रेट फैजाबाद रोड से ऊँचा है, तो एक ही तय दाम पर भी उतने ही रक़बे की रजिस्ट्री वहाँ महँगी है। बजट शहर के किस तरफ़ पहुँचता है, यह तय करने से पहले दोनों को कैलकुलेटर से निकालें।
लोग जो पूछते हैं
- स्टाम्प ड्यूटी मेरे दिए दाम पर लगती है या सर्किल मूल्य पर?
- जो ज़्यादा हो उस पर। तय दाम सर्किल मूल्य से ऊपर है तो दाम पर; नीचे है तो सर्किल मूल्य पर।
- क्या महिला के नाम ख़रीदने से हमेशा स्टाम्प ड्यूटी बचती है?
- छूट की संपत्ति मूल्य सीमा तक ही। उससे ऊपर पूरे मूल्य पर सामान्य दर लगती है। मौजूदा अधिसूचना देखें; सीमा पहले बदल चुकी है।
- रजिस्ट्री शुल्क स्टाम्प ड्यूटी से कैसे अलग है?
- स्टाम्प ड्यूटी हस्तांतरण पर कर है। रजिस्ट्री शुल्क सब-रजिस्ट्रार दफ़्तर में बैनामा दर्ज करने का शुल्क है। दोनों अपॉइंटमेंट से पहले जमा होते हैं और दोनों एक ही मूल्य पर निकलते हैं।
- क्या स्टाम्प ड्यूटी ऑनलाइन दे सकते हैं?
- हाँ। यूपी में ई-स्टाम्पिंग है; निकाले गए मूल्य का स्टाम्प प्रमाणपत्र बनता है और बैनामे के साथ लगता है। आम तौर पर वकील या दस्तावेज़ लेखक करवाता है, पर रसीद आपके नाम होनी चाहिए।
लेखक
अवधलैंड संपादकीय
स्ट्रिंगहेड टेक्नोलॉजीज़, पुणे की संपादकीय टीम द्वारा लिखा और जाँचा गया। हर रेट और दूरी डेटा पेजों से ली गई है, स्रोत और तारीख़ के साथ।