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एनआरआई क्या ख़रीद सकते हैं
रिहायशी प्लॉट, मकान और व्यावसायिक ज़मीन एनआरआई ख़रीद सकते हैं। खेती की ज़मीन नहीं, और अयोध्या के आसपास "प्लॉट" बताकर बेची जा रही बहुत सी ज़मीन खतौनी में अब भी कृषि भूमि दर्ज है।
पैसे देने से पहले ज़मीन जाँचें
खतौनी निकालें, पक्का करें कि ज़मीन पर कोई बंधक या बकाया नहीं है, दाख़िल-ख़ारिज पूरा है, और प्लॉट का मास्टर प्लान में भू-उपयोग मिलाएँ।
टोकन से पहले देखने के काग़ज़
- उसी खसरा नंबर की मौजूदा खतौनी, जिसमें बेचने वाले का नाम हो
- सब-रजिस्ट्रार दफ़्तर से 13 साल की भार-मुक्त खोज
- पिछली बिक्री का दाख़िल-ख़ारिज आदेश
- मास्टर प्लान का भू-उपयोग उद्धरण, जिसमें रिहायशी या व्यावसायिक लिखा हो
- प्लॉटेड प्रोजेक्ट के अंदर है तो यूपी रेरा नंबर
एनआरआई कहाँ ख़रीद रहे हैं
विदेश से ज़्यादातर पूछताछ शहर की एयरपोर्ट वाली तरफ़ के लिए आती है। सिविल लाइंस एयरपोर्ट से 2.7 किमी और राम मंदिर से 5.9 किमी है, और उसका सर्किल रेट वह पैमाना है जिसके मुक़ाबले उस तरफ़ के बेचने वाले दाम बताते हैं:
- ₹20,200 प्रति वर्ग मीटर
- रिहायशी
- ₹75,700 प्रति वर्ग मीटर
- व्यावसायिक
उसी तरफ़ कम बजट के लिए फैजाबाद रोड एयरपोर्ट से 3.3 किमी है और एक श्रेणी नीचे आता है।
उन दामों के पीछे का प्रोजेक्ट:
Airports Authority of India
घोषितअयोध्या एयरपोर्ट विस्तार
महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अयोध्या धाम का पहला टर्मिनल 2023 के अंत में शुरू हुआ। यहाँ जिस विस्तार को ट्रैक किया जा रहा है वह अगला चरण है: बड़ा टर्मिनल और रनवे का काम, ताकि बड़े विमान और ज़्यादा उड़ानें आ सकें।
विदेश से ख़रीदना
भुगतान एनआरई या एनआरओ खाते से सामान्य बैंकिंग के ज़रिए होना चाहिए। अगर आप रजिस्ट्री के लिए नहीं आ सकते, तो सही तरीक़े से बनी पावर ऑफ़ अटॉर्नी से कोई और आपकी ओर से दस्तख़त कर सकता है।
लोग जो पूछते हैं
- क्या एनआरआई अयोध्या में खेती की ज़मीन ख़रीद सकते हैं?
- नहीं। फेमा नियमों के तहत एनआरआई भारत में रिहायशी और व्यावसायिक संपत्ति ख़रीद सकते हैं, लेकिन खेती की ज़मीन, बागान या फ़ार्महाउस नहीं, सिवाय विरासत में मिलने के।
- क्या रजिस्ट्री के लिए मेरा भारत में होना ज़रूरी है?
- हमेशा नहीं। रजिस्टर्ड पावर ऑफ़ अटॉर्नी से आपका भरोसेमंद व्यक्ति सब-रजिस्ट्रार दफ़्तर में दस्तख़त कर सकता है, लेकिन पहले पावर ऑफ़ अटॉर्नी सही तरीक़े से बननी चाहिए।
