पूछताछ जारी · एक घंटे में जवाब
मेन्यू

अयोध्या सर्किल रेट पूरी जानकारी: क्या बदला और आपकी जेब पर कितना असर

सर्किल रेटUP Stamps and Registration Departmentअयोध्या

इस पेज पर

अगर आप अयोध्या में जमीन खरीद रहे हैं, तो सर्किल रेट को नजरअंदाज नहीं कर सकते। इससे तय होता है कि आपकी संपत्ति कम से कम किस मूल्य पर रजिस्टर होगी, और उसी से तय होती है स्टांप ड्यूटी।

जून 2025 में अयोध्या के सर्किल रेट में बड़ा संशोधन हुआ, लगभग आठ साल में पहली बार। कुछ इलाकों में रेट तीन गुना हो गए। इस गाइड में जानिए क्या बदला, आपके बजट पर क्या असर होगा, और किसी भी प्लॉट का रेट कैसे देखें।

सर्किल रेट होता क्या है?

सर्किल रेट किसी इलाके में संपत्ति रजिस्टर कराने का न्यूनतम मूल्य है, प्रति वर्ग मीटर (या कृषि भूमि के लिए प्रति हेक्टेयर)। इसे जिला प्रशासन तय करता है।

इसका इस्तेमाल तीन मुख्य कामों में होता है:

  • स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क की गणना
  • एक न्यूनतम मूल्य तय करना, जिससे कम पर रजिस्ट्री न हो
  • सरकार द्वारा जमीन अधिग्रहण पर मुआवजा तय करना

सबसे जरूरी बात: स्टांप ड्यूटी जो ज्यादा हो उस पर लगती है, असली सौदे की कीमत या सर्किल रेट मूल्य। यानी कितना भी अच्छा सौदा कर लें, सर्किल रेट से कम पर स्टांप ड्यूटी नहीं लगेगी।

अयोध्या में क्या बदला?

संशोधन जून 2025 में लागू हुआ। इससे पहले 2017 के बाद रेट नहीं बदले थे, जबकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले और मंदिर निर्माण के बाद जमीन की कीमतें आसमान छू रही थीं।

अंतर कितना था? अधिकारियों के अनुसार संशोधन से पहले के तीन सालों में राम मंदिर क्षेत्र के पास संपत्तियां सर्किल रेट से 41% से लेकर 1,200% से ज्यादा ऊपर बिक रही थीं। पुराने रेट हकीकत से बहुत पीछे थे।

संशोधन में क्या हुआ:

  • कुल बढ़ोतरी: लोकेशन और भू-उपयोग के हिसाब से 30% से 200%
  • राम जन्मभूमि से लगभग 10 किमी के दायरे में: 150% से ज्यादा
  • मंदिर के आसपास: ₹26,600 से ₹27,900 प्रति वर्ग मीटर, पहले ₹6,650 से ₹6,975

कृषि भूमि के कुछ उदाहरण (प्रति हेक्टेयर):

गांवपुराना रेटनया रेट
तिहुरा मांझा₹11 से 23 लाख₹33 से 69 लाख
तिहुरा उपरहार₹32 से 71 लाख₹42 से 95 लाख
शाहनवाजपुर मांझा और बरहटा मांझा₹75 से 169 लाख₹98 से 221 लाख

जहां जमीन के सौदे सबसे ज्यादा होते थे, वहां सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई। प्रशासन सरकारी मूल्य को असली बाजार मूल्य के करीब लाना चाहता था।

आपके बजट पर क्या असर?

एक आसान उदाहरण लें। मान लीजिए आप ऐसे इलाके में 100 वर्ग मीटर का प्लॉट खरीद रहे हैं जहां सर्किल रेट ₹26,600 प्रति वर्ग मीटर है।

  • सर्किल रेट मूल्य: 100 × ₹26,600 = ₹26,60,000
  • 7% स्टांप ड्यूटी: लगभग ₹1,86,200
  • रजिस्ट्रेशन शुल्क (लगभग 1%): लगभग ₹26,600

यानी निर्माण शुरू करने से पहले ही उस प्लॉट पर ₹2 लाख से ज्यादा सरकारी शुल्क। पुराने रेट पर यही हिसाब इसका एक छोटा हिस्सा होता।

यूपी में महिला खरीदारों को एक तय संपत्ति मूल्य तक स्टांप ड्यूटी में छूट मिलती है। यह सीमा समय-समय पर बदली है, इसलिए बजट बनाने से पहले igrsup.gov.in पर मौजूदा नियम देख लें।

क्या ऊंचा सर्किल रेट खरीदारों के लिए बुरा है?

पूरी तरह नहीं। इसके दोनों पहलू हैं।

नुकसान साफ है: ज्यादा स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन खर्च।

फायदे की बात कम होती है। सही सर्किल रेट से "नंबर एक और नंबर दो" वाले सौदे, जिनमें कुछ भुगतान दिखाया जाता है और कुछ नकद, मुश्किल हो जाते हैं। इससे पारदर्शिता बढ़ती है। जमीन मालिकों को लोन के लिए बेहतर मूल्यांकन मिलता है, और अधिग्रहण होने पर बेहतर मुआवजा भी।

अयोध्या के कुछ हिस्सों में नया सर्किल रेट अब विक्रेताओं की मांगी कीमत के बराबर या उससे ऊपर है। वहां सर्किल रेट ही असल में आपकी न्यूनतम कीमत बन जाता है।

किसी भी प्लॉट का सर्किल रेट कैसे देखें

आधिकारिक स्रोत है उत्तर प्रदेश स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग का पोर्टल igrsup.gov.in। यहां जिला, तहसील और गांव या मोहल्ले के हिसाब से सर्किल रेट देख सकते हैं। सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में भी पूछ सकते हैं (अयोध्या शहर के लिए आमतौर पर सदर तहसील)।

हमेशा सही गांव या मोहल्ले और सही जमीन प्रकार (आवासीय, व्यावसायिक या कृषि) का रेट देखें। कुछ किलोमीटर में ही रेट काफी बदल सकता है।

कुछ और खर्च जो ध्यान रखें

अगर आप कृषि भूमि खरीदकर उस पर निर्माण करना चाहते हैं, तो उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 80 के तहत गैर-कृषि उपयोग की घोषणा चाहिए। इसका शुल्क भी सर्किल रेट से जुड़ा है (आमतौर पर सर्किल रेट मूल्य का 2% बताया जाता है), इसलिए ऊंचा सर्किल रेट यह खर्च भी बढ़ाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अयोध्या में राम मंदिर के पास सर्किल रेट कितना है?

जून 2025 के संशोधन के बाद मंदिर के आसपास सर्किल रेट ₹26,600 से ₹27,900 प्रति वर्ग मीटर है, जो पहले ₹6,650 से ₹6,975 था।

अयोध्या के सर्किल रेट कितने बढ़े?

लोकेशन और भू-उपयोग के हिसाब से 30% से 200% तक। राम जन्मभूमि से लगभग 10 किमी के दायरे में 150% से ज्यादा बढ़ोतरी हुई।

अयोध्या में किसी प्लॉट का आधिकारिक सर्किल रेट कहां देखें?

उत्तर प्रदेश स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के पोर्टल igrsup.gov.in पर, या स्थानीय सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में।

स्टांप ड्यूटी सर्किल रेट पर लगती है या सौदे की कीमत पर?

जो ज्यादा हो उस पर। अगर सौदे की कीमत सर्किल रेट से कम है, तो स्टांप ड्यूटी सर्किल रेट पर लगेगी।

अयोध्या में खरीदने की सोच रहे हैं?

सर्किल रेट तस्वीर का सिर्फ एक हिस्सा है। साफ मालिकाना हक, स्वीकृत ले-आउट और सही भू-उपयोग भी जरूरी है। अवधलैंड अयोध्या, लखनऊ और गोरखपुर में जांची-परखी जमीन ढूंढने में मदद करता है, और सौदे से पहले ही पूरा खर्च समझाता है, बाद में नहीं।

इस लेख में दरें और शुल्क 25 अक्टूबर 2026 तक की सार्वजनिक रिपोर्ट और जून 2025 के संशोधन पर आधारित हैं। ये बदल सकते हैं, इसलिए खरीद से पहले igrsup.gov.in या सब-रजिस्ट्रार से पुष्टि करें। यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या कर सलाह नहीं।

स्रोत

बताइए आप क्या ढूँढ रहे हैं

एक असली व्यक्ति व्हाट्सऐप पर एक घंटे में जवाब देता है, सोम–शनि सुबह 9 से शाम 7 (भारतीय समय)। या फ़ॉर्म छोड़कर सीधे संदेश भेजें।

आप क्या ढूँढ रहे हैं? — जो सबसे क़रीब हो
आप कहाँ हैं?

12 वर्षअसली व्यक्तिएन्क्रिप्टेडडेटा बेचा नहीं जाता

हमें कॉल करें+91 99841 45231

स्रोत: UP Stamps and Registration Department (IGRSUP) · पेज अपडेट

इंस्टाग्राम पर AwadhLand को फ़ॉलो करें

@awadhland